
हम चिरागों को जलाएं उम्र भर,
साथ दे गर ये हवाएं उम्र भर।
एक लम्हे की खता का यह सिला,
पाई है हमने, ये सजायें उम्र भर।
कुछ भी तो न हासिल हमको हो सका,
उसके दर पर दी सदायें उम्र भर।
याद आयेंगी बहुत, सच मानिये हमको, हमारी खताएं उम्र भर।
पल दो पल का साथ देते है सभी,
कौन करता है वफायें उम्र भर।
भूल जाऊंगा, मगर एक शर्त है,
आप भी न याद आयें उम्र भर।
साथ दे गर ये हवाएं उम्र भर।
एक लम्हे की खता का यह सिला,
पाई है हमने, ये सजायें उम्र भर।
कुछ भी तो न हासिल हमको हो सका,
उसके दर पर दी सदायें उम्र भर।
याद आयेंगी बहुत, सच मानिये हमको, हमारी खताएं उम्र भर।
पल दो पल का साथ देते है सभी,
कौन करता है वफायें उम्र भर।
भूल जाऊंगा, मगर एक शर्त है,
आप भी न याद आयें उम्र भर।

